ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़

1 करोड़ के इनामी हिडमा का अंत: आंध्र प्रदेश में पुलिस–नक्सली मुठभेड़ में मारा गया

सुकमा। सुरक्षाबलों को मंगलवार को बड़ी कामयाबी मिली है। देश के सबसे कुख्यात और वांछित माओवादी कमांडरों में शामिल माडवी हिडमा (43) को आंध्र प्रदेश में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। हिडमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली इलाके में पुलिस और माओवादियों के बीच सुबह 6 से 7 बजे के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान हिडमा समेत कुल 6 माओवादी ढेर हो गए। मुठभेड़ के बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान जारी है।

हिडमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती क्षेत्र का रहने वाला था और CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य बताया जाता है। वह PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, जिसे माओवादियों की सबसे घातक लड़ाकू इकाई माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में हिडमा की दूसरी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी मारी गई।

  • किन-किन बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था हिडमा?
  • 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 CRPF जवान शहीद
  • 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल
  • 2021 सुकमा–बीजापुर एम्बुश: 22 जवान शहीद

इसके अलावा हिडमा ने बस्तर में कई बड़े नक्सली ऑपरेशनों की अगुवाई की और वर्षों तक नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा।

सुरक्षा एजेंसियों ने हिडमा की मौत को बस्तर में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताया है। आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि मारे गए माओवादियों में एक शीर्ष नेता भी शामिल है और आगे भी तलाशी अभियान जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button